इन 12 स्मार्टफोन ब्रांड के जरिये चीन भारत में जमा रहा है अपने पैर।

इन 12 स्मार्टफोन ब्रांड के जरिये चीन भारत में जमा रहा है अपने पैर।

China is gaining ground in India through these 12 smartphone brands.

#IndiaFightsCorona #ChineseBrands #ChineseApps #OpportunisticAcquisition

चीन का शुरू से ही भारत का एक प्रमुख प्रतिद्वंदी है। भारत में अपनी जड़े मज़बूत करने के लिए वो तरह तरह से तरकीबें अपनाता आया है। भारत पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा बाजार है और इस बाजार पर सभी अपनी ललचायी निगाहें टिकाएं है। कोई भी भारत से लड़ना नहीं चाहता है इसलिए वो दूसरी तरकीबें अपनाते है। मसलन भारत में निवेश के जरिये वो उसकी अर्थव्यवस्था को खोखली कर पाकिस्तान या ज़िम्बावे जैसे देशों की तरह अपनी करेंसी चलने के फ़िराक़ में है, जो यहाँ इतने बड़े देश में संभव नहीं है।

तो अब बचती है एक ही सूरत और वो है उच्च कोटि की टेक्नोलॉजी/सामान वो भी एकदम काम कीमत में, जो हम भारतियों की आदत है। ऐसे में चीन ने पहले भारत में अपने यहाँ के मोबाइल कम्पनीज की सब्सिडरीज खोली, फिर तरह तरह के एप्प्स लांच किये और फिर शुरू किया अपना गन्दा खेल, जो हम लोग जानबूझकर अनदेखा करते गए।

आइये पहले देखें वो कौन से ब्रांड हैं जो भारत में हाथो हाथ बिक जाते है, ऑनलाइन आउट ऑफ़ स्टॉक हो जाता है, फिर देखेंगे कि क्या गलत कर रहे हैं हम-

(1) शाओमी (Xiaomi)- कंपनी भारत में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मीडियम के जरिए फोन बेच रही है।
(2) रेडमी (Redmi)- यह शाओमी का ही ब्रांड है, जो अब बिल्कुल सेपरेट तरह से ऑपरेट हो रहा है।
(3) पोको (Poco)- पोको शाओमी का एक और ब्रांड है, जिसे कंपनी ने गेमर्स को देखते हुए पेश किया है।
(4) ओप्पो (Oppo)- ओप्पो भी चाइनीज कंपनी है, जो भारतीय मार्केट में अपने फोन बेच रही है।
(5) रियलमी (Realme)- ओप्पो का ही सब-ब्रांड है.
(6) वीवो (Vivo)- कंपनी भारत में अपने सेल्फी सेंट्रिक स्मार्टफोन के लिए जानी जाती है।
(7) Vivo iQOO – वीवो कंपनी ने इस ब्रांड को प्रीमियम स्मार्टफोन ब्रांड के तौर पर भारत में पेश किया है।
(8) वनप्लस (Oneplus)- ओप्पो के ही इंजिनीयर्स कीही कंपनी है, जो स्वायत्त होकर काम कर रही है.
(9) हुवावे (Huawei)- यह भी चीन का एक बड़ी स्मार्टफोन कंपनी है। यह ऑनर और हुवावे के नाम से अपने स्मार्टफोन भारत में बेचती है।
(10) Meizu – चीन में यह शाओमी की बड़ी प्रतिस्पर्धी कंपनी है।
(9) नूबिया (Nubia)- नूबिया भी भारत में अपने स्मार्टफोन बेचती है और यह कंपनी भी गेमिंग फोन बनाने के लिए जानी जाती है।
(10) कूलपैड (Coolpad)- हालांकि कंपनी ने काफी समय से अपने स्मार्टफोन भारत में नहीं बेचे हैं।
(11) लेनोवो (Lenovo- लेनोवो भी भारतीय स्मार्टफोन कंपनी में अपने फोन बेचती है और यह एक चाइनीज कंपनी है।
(12) मोटोरोला (Motorola)- लेनोवो ने हाल में मोटोरोला स्मार्टफोन कंपनी को भी खरीद लिया था।

आपको जानकर ताज़्ज़ुब होगा कि OPPO, Vivo, Realme, and OnePlus, China-based एक ही कम्पनी BBK ग्रुप की हैं।

इसके अलावा आप इन मोबाइल्स में इस लॉकडाउन में अपना समय काटने के लिए टिक-टॉक, हेलो, बिगो-वीडियो, UC-ब्राउज़र, Share-IT जैसे न जाने कितने एप्प्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, मगर वो आपके घर बैठे बैठे भी आपसे पैसे कमा रहा है क्यूंकि ये सब भी चीनी एप्प्स हैं. अनुमानतः इन एप्स के जरिये चीन प्रतिमाह 10 से 12 हज़ार करोड़ रुपये कमा रहा है।

ये भी पढ़ें-  चीन टिक टॉक जैसे ऐप से आपकी गुप्त जानकारी कैसे हासिल कर रहा है, कर दें तुरंत डिलीट।

इसे देश के साथ धोखा देने की श्रेणी में रखा जाय तो वो गलत नहीं होगा, क्यूंकि कुछ लोग ये भी कहते मिलेंगे साहब अगर हमे बढ़िया सामान एकदम सस्ते में मिल रहा है तो हम क्यों न लें।  बिलकुल लें मगर उससे जो आपके देश हित का हो उससे क्यों जो आपके धन का इस्तेमाल आपके खिलाफ हथियार खरीदने के लिए करे। जब आप खरीदना बंद कर देंगे तो ये बेचना बंद कर देंगे। तभी अपनी स्वदेशी कंपनियों को बढ़िया करने का मौका मिलेगा या हो सकता है वो उद्द्यमी आप ही में से कोई हो जिसे सही मौका मिलने का इंतज़ार हो।

ये भी पढ़ें-  भारत ने समय से पहले समझ ली थी चीन की चाल, अब चीन दे रहा WTO के नियमों का वास्ता..

विदेशी खबरें