Do you know why it is wrong to call Indian Republic in English as India?
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भारत दुनियां की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक हैं, जो 4,000 से अधिक वर्षों से चली आ रही है और जिसने अनेक रीति-रिवाजों और परम्पराओं का संगम देखा है। यह देश की समृद्ध संस्कृति और विरासत का परिचायक है, जिसमें बहुरंगी विविधता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है। इसके साथ ही यह अपने-आप को बदलते समय के साथ ढ़ालती भी आई है। आज़ादी पाने के बाद भारत में बहुआयामी सामाजिक और आर्थिक प्रगति की है। भारत कृषि में आत्मनिर्भर बन चुका है और अब दुनिया के सबसे औद्योगीकृत देशों की श्रेणी में भी इसकी गिनती की जाती है। साथ ही उन चंद देशों में भी इसका शुमार होने लगा है, जिनके कदम चांद तक पहुंच चुके हैं। भारत का क्षेत्रफल 32,87,263 वर्ग कि.मी. है, जो हिमाच्छादित हिमालय की ऊंचाइयों से शुरू होकर दक्षिण के विषुवतीय वर्षा वनों तक फैला हुआ है। विश्व का सातवां बड़ा देश होने के नाते भारत शेष एशिया से अलग दिखता है जिसकी विशेषता पर्वत और समुद्र ने तय की है और ये इसे विशिष्ट भौगोलिक पहचान देते हैं। उत्तर में बृहत् पर्वत श्रृंखला हिमालय से घिरा यह कर्क रेखा से आगे संकरा होता जाता है। पूर्व में बंगाल की खाड़ी, पश्चिम में अरब सागर तथा दक्षिण में हिन्द महासागर इसकी सीमा निर्धारित करते हैं।
भारतीय इतिहास : (1857-1947)
पुराने समय में जब पूरी दुनिया के लोग भारत आने के लिए उत्सुक रहा करते थे। फारसियों के बाद ईरानी और पारसी भी भारत में आकर बस गए। उनके बाद मुगल आए और वे भी भारत में स्थायी रूप से बस गए। चंगेज़खान, एक मंगोलियाई था जिसने भारत पर कई बार आक्रमण किया और लूट पाट की। अलेक्ज़ेडर भी भारत पर विजय पाने के लिए आया किन्तु पोरस के साथ युद्ध में पराजित होकर वापस चला गया। हेन सांग नामक एक चीनी नागरिक यहां ज्ञान की तलाश में आया और उसने नालंदा तथा तक्षशिला विश्वविद्यालयों में भ्रमण किया जो प्राचीन भारतीय विश्वविद्यालय हैं। कोलम्बस भारत आना चाहता था किन्तु उसने अमेरिका के तटों पर उतरना पसंद किया। पुर्तगाल से वास्को डिगामा व्यापार करने अपने देश की वस्तुएं लेकर यहां आया जो भारतीय मसाले ले जाना चाहता था। यहां फ्रांसीसी लोग भी आए और भारत में अपनी कॉलोनियां बनाई। अंत में ब्रिटिश लोग आए और उन्होंने लगभग 200 साल तक भारत पर शासन किया।
इस दौरान भारत ने स्वाधीनता के लिए कई आंदोलन देखे। अंततः मार्च 1946 में एक केबिनैट कमीशन भारत भेजा गया, जिसके बाद भारतीय राजनैतिक परिदृश्य का सावधानीपूर्वक अध्ययन किया गया, एक अंतरिम सरकार के निर्माण का प्रस्ताव दिया गया और एक प्रांतीय विधान द्वारा निर्वाचित सदस्यों और भारतीय राज्यों के मनोनीत व्यक्तियों को लेकर संघटक सभा का गठन किया गया। जवाहर लाल नेहरू के नेतृत्व ने एक अंतरिम सरकार का निर्माण किया गया। जबकि मुस्लिम लीग ने संघटक सभा के विचार विमर्श में शामिल होने से मना कर दिया और पाकिस्तान के लिए एक अलग राज्य बनाने में दबाव डाला। लॉर्ड माउंटबेटन, भारत के वाइसराय ने भारत और पाकिस्तान के रूप में भारत के विभाजन की एक योजना प्रस्तुत की और तब भारतीय नेताओं के सामने इस विभाजन को स्वीकार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था, क्योंकि मुस्लिम लीग अपनी बात पर अड़ी हुई थी।
अब सम्पूर्ण वृहद भारत 2 हिस्सों में था एक तरफ था पंजाब प्रान्त से पकिस्तान और दूसरी तरफ था 545 रियासतों का समूह, जिसे सरदार वल्लभ भाई पटेल ने अपने अथक परिश्रम और कूटनीतिक सूझ बूझ से आज का नया भारतीय गणराज्य बनाया, जिसे अंग्रेजी में “Republic of India” कहा जाता है। वर्तमान भारतीय गणराज्य में यहां के निवासी और उनकी विभिन्न जीवन शैलियां, उनके नृत्य और संगीत शैलियां, कला और हस्तकला जैसे अन्य अनेक तत्व भारतीय संस्कृति और विरासत के विभिन्न वर्ण प्रस्तुत किए गए हैं, जो देश की राष्ट्रीयता का सच्चा चित्र प्रस्तुत करते हैं।