Site icon Prayag Today

पारिवारिक जमीन के विवाद से मिलेगी मुक्ति, बिहार में लागू हुआ नया क़ानून

Freedom from family land dispute, New law implemented in Bihar.

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में घर के मुखिया के निधन के बाद पारिवारिक जमीन का विवाद शुरू हो जाता है। सभी सदस्य सही बटवारे के लिए आपसी विवाद में उलझ जाते हैं जिससे कभी कभी मारपीट से लेकर पुलिस कार्यवाही से लेकर मुकदद्मेबाज़ी तक हो जाती है जिससे बेवजह सरकारी समय नष्ट होता है। इस प्रकार के विवादों को समाप्त करने के उद्देश्य से बिहार सरकार ने पारिवारिक बंटवारे के संबंध में एक कानून बनाया है जिसमे घर का मुखिया अब मात्र 100 रू के स्टांप पेपर के द्वारा संपत्ति का बंटवारा परिवार के सभी सदस्यों में कर सकता है। इस तरीके से उन सभी को उनका मालिकाना हक मिल जाएगा और विवाद भी उत्पन्न नहीं होगा। बिहार सरकार द्वारा 2018 में बनाए गए इस कानून के द्वारा जमीन का बंटवारा किया जा सकता है। जिला अवर निबंधन कार्यालय में सूत्रों के हवाले से एक अधिकारी ने इस बात की जानकारी दी कि कानूनी हकदार यदि चाहे तो उस जमीन को अपने बच्चों के बीच बंटवारा कर उनका उनको हक दे सकते हैं।

इसके लिए घर का मुखिया अपने जीवित रहने की अवधि में ही किसी सक्षम पदाधिकारी या फिर जनप्रतिनिधि से पारिवारिक सूची बनवाकर जमीन की चौहद्दी की पैमाइश के साथ ₹100 के स्टांप पेपर पर परिवार के सभी सदस्यों के बीच बराबर बंटवारा करेगा। इस तरह आने वाले समय में मुखिया के बाद विवाद परिवार में उत्पन्न नहीं होगा और शांति भी बनी रहेगी। जिला अवर निबंधन पदाधिकारी रिंकी कुमारी ने बताया लोगों की जानकारी के अभाव में सरकार द्वारा बनाए गए इस लागू कानून का लाभ वर्तमान समय में लोग नहीं ले पा रहे हैं। पिछले 2 वर्षों में केवल 2 मामले ही इस कानून के माध्यम से सुलझाए जा सके हैं, इसके लिए व्यापक प्रचार प्रसार की आवश्यकता है।

जैसा कि सभी ज्ञात हो कि मुस्लिम लॉ और हिंदू कानून दोनों में ही लड़कियों को भी सामान रूप से संपत्ति में अधिकार प्राप्त है। फिर भी पुरुष प्रधान इस सामाज में आज भी यही विचारधारा है कि लड़की शादी करके अपने ससुराल चली जाएगी और लड़की का कुछ मायके में नहीं होता है। लेकिन ऐसा नहीं है, इस कानून के मुताबिक भूस्वामी या फिर घर के मुखिया खातियानी जमीन में सभी पारिवारिक सदस्यों का नाम उल्लिखित करना होगा चाहे वो लड़का हो या लड़की। अतएव नियम के अनुसार इस जमीन में लड़की का भी अधिकार होगा। ये बात अलग है कि यदि लड़की संपत्ति में हिस्सा नहीं लेना चाहती है तो ऐसी स्थिति में स्टांप पर ये दर्शाना पड़ेगा। इसके बाद किसी भी प्रकार के विवाद की कोई संभावना नहीं होगी। परंतु कानून में बहुत सारे नियम ऐसे भी दिए गए हैं, जिसके कारण लोग इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। निबंधन पदाधिकारी ने यह भी कहा यह नियम केवल उसी संपत्ति या जमीं पर लागू होता है जिसका वो खुद स्वामी है ना कि माता या पत्नी के नाम से हाल ही में खरीदी गयी संपत्ति या भूमि।

.

Exit mobile version