Government changes FDI rules, Pakistan and China will not be able to invest directly.
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सरकार ने पड़ोसी देशों के लिए FDI के नियम में बदलाव किए हैं। नए नियम के मुताबिक, पाकिस्तान, चीन और बांग्लादेश की कंपनियां या इंडिविजुअल भारत में सरकारी रास्ते से ही निवेश कर पाएंगे। अवसरवादी अधिग्रहण पर लगाम लगाने के लिए भारत सरकार ने FDI के नियम बदले हैं. सीमावर्ती देशों के निवेशक केवल सरकारी रास्तों से देश में निवेश कर पाएंगे। पाकिस्तान का निवेशक भारतीय डिफेंस, स्पेस, एटॉमिक एनर्जी में निवेश नहीं कर पाएगा। चीन ने पिछले दिनों HDFC के 1.75 करोड़ों शेयर खरीदे थे, कोरोना महामारी संकट के बीच केंद्र सरकार ने HDFC कंपनी में चीन की हिस्सेदारी 1.01% से ज्यादा अवसरवादी अधिग्रहण पर अंकुश लगाने के लिए मौजूदा FDI नियम में बदलाव किया है। इसके तहत जिन देशों की सीमा भारत से लगती है वहां के निवेशक सरकारी अनुमति के बिना यहां निवेश नहीं कर सकते हैं।
मतलब चीन, बांग्लादेश और पाकिस्तान के निवेशकों या कंपनियों को भारत में निवेश की अनुमति के लिए सरकार से परमिशन की जरूरत होगी। यह जानकारी DPIIT ने दी है। सरकार के इस फैसले का असर अभी चीन के निवेशकों पर होगा। वर्तमान में केवल बांग्लादेश और पाकिस्तान से आने वाले FDI के लिए सरकार के परमिशन की जरूरत होती थी। दरअसल पिछले दिनों चाइनीज सेंट्रल बैंक ने HDFC के करोड़ों शेयर खरीदे थे जिससे उसकी हिस्सेदारी कंपनी में 1% को पार कर गई। उस समय ऐसी रिपोर्ट आई थी कि चीन पूरी दुनिया में अपना निवेश तेजी से बढ़ा रहा है। कोरोना के कारण पूरी दुनिया का शेयर मार्केट क्रैश कर गया है और शेयर के भाव में भारी गिरावट आई है। चीन इसे अपने लिए अवसर के रूप में देख रहा है और तेजी से निवेश बढ़ा रहा है।
पाकिस्तानी निवेशकों पर सीधा असर DPIIT के प्रेस नोट के मुताबिक, अगर किसी देश की सीमा भारतीय सीमा से लगती है तो वहां का कोई एंटिटी चाहे वह कंपनी हो या इंडिविजुअल, केवल सरकारी रास्ते से भारत में निवेश कर सकता है। प्रेस नोट में यह भी कहा गया है कि बांग्लादेशी और पाकिस्तानी नागरिक और कंपनी केवल सरकारी रास्ते से भारत में निवेश कर सकता है। इन्हें डिफेंस, स्पेस, एटॉमिक एनर्जी जैसे सेक्टर्स में निवेश की अनुमति नहीं है।
भारतीय टेक इकोसिस्टम को सुरक्षित रखने का सही समय नानजिया एंडरसन एलएलपी के डायरेक्टर संदीप झुनझुनवाला ने कहा कि चीन के टेक इन्वेस्टर्स ने भारतीय स्टार्टअप्स में करीब 4 अरब डॉलर का निवेश किया है। भारत में 30 में 18 स्टार्टअप्स को चीन से फंड मिलता है। जिस रफ्तार से वह निवेश बढ़ा रहे हैं, ऐसे में भारतीय टेक इकोसिस्टम को बचाए रखने के लिए सरकार का यह फैसला सही है।
इस पर राहुल गाँधी की तुरंत प्रतिक्रिया आयी उन्होंने सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि वे मोदी सरकार को धन्यवाद देते है कि उन्होंने फड़ी को लेकर मेरे सुझावों को अमल में लिया।
I thank the Govt. for taking note of my warning and amending the FDI norms to make it mandatory for Govt. approval in some specific cases. https://t.co/ztehExZXNc
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) April 18, 2020