“Pravasi Rahat Mitra App” launched by Chief Minister Mr. MYogiAdityanath.
#UttarPradesh #CMYOGI #PravasiRahatMitra
मुख्यमंत्री श्री MYogiAdityanath जी ने 08/05/2020 को “प्रवासी राहत मित्र ऐप” का लोकार्पण किया गया। यह ऐप UNDP (यूनाइटेड नेशन्स डेवलपमेंट प्रोग्राम) के सहयोग से विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य अन्य प्रदेशों से उ.प्र. में आने वाले प्रवासी नागरिकों को सरकारी योजना का लाभ तथा उनके स्वास्थ्य की निगरानी करने के साथ ही उनके कौशल के लायक भविष्य में नौकरी एवं आजीविका प्रदान करने में सहयोग करने हेतु इन प्रवासी नागरिकों का डेटा कलेक्शन करना है।
मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी ने आज लोक भवन में राजस्व विभाग के राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा तैयार किए गए ‘प्रवासी राहत मित्र एप’ का लोकार्पण किया। यह एप यू.एन.डी.पी. (यूनाइटेड नेशन्स डेवलपमेंट प्रोग्राम) के सहयोग से विकसित किया गया है। pic.twitter.com/YytBeHrcv8
— Yogi Adityanath Office (@myogioffice) May 8, 2020
सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा आपस में सूचना का आदान प्रदान कर इन प्रवासी नागरिकों के रोजगार एवं आजीविका हेत नियोजन एवं कार्यक्रम बनाने में मदद मिलेगी। प्रवासी राहत मित्र ऐप के द्वारा, आश्रय केंद्र में रुके हए व्यक्तियों एवं किसी भी कारणवश अन्य प्रदेशों से सीधे अपने घरों को पहुंचने वाले प्रवासी व्यक्तियों का पूरा विवरण लिया जाएगा ताकि उत्तर प्रदेश में आने वाले कोई भी प्रवासी छूट न पाए।
प्रवासी राहत मित्र ऐप में व्यक्ति की मूलभूत जानकारी जैसे- नाम, शैक्षिक योग्यता, अस्थायी और स्थायी पता, बैंक अकाउंट विवरण, COVID 19 सम्बंधित स्क्रीनिंग की स्थिति, शैक्षिक योग्यता और अनुभव, 65 से भी ज्यादा प्रकार के कौशल का विवरण एकत्र किया जाएगा। अन्य राज्यों से प्रदेश में आ रहे प्रवासी नागरिकों को दी जाने वाली राशन किट के वितरण की स्थिति भी ऐप में दर्ज की जाएगी। इस ऐप में डाटा डुप्लीकेशन न हो, इसके लिए यूनीक मोबाईल नंबर को आधार बनाया जाएगा।
प्रवासी राहत मित्र ऐप की एक अन्य विशेषता यह भी है कि इसमें ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन भी काम कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त प्रभावी निर्णय लेने के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों के डेटा को भी ऐप में अलग-अलग किया जा सकता है। डेटा संग्रह का कार्य शीघ्र सम्पादित हो इसके लिए विकेन्द्रीकृत स्तर पर यथा आश्रय स्थल, टांजिट पॉइंट, व्यक्ति का निवास स्थान पर डेटा संग्रह किया जाएगा।
जिलाधिकारी के नेतत्व में डेटा संग्रह की जिम्मेदारी शहरी क्षेत्र में नगर विकास विभाग/नगर निकाय की तथा ग्रामीण क्षेत्र में सीडीओ/पंचायती राज विभाग की होगी। ऐप संग्रहित डेटा को राज्य स्तर पर स्थापित इंटीग्रेटेड इनफार्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम (www.rahatup.in) पर स्टोर किया जाएगा। इसका विश्लेषण कर प्रवासी नागरिकों को सरकारी योजना का लाभ, उनके स्वास्थ्य की निगरानी एवं विशेष कर जनके कौशल के लायक भविष्य में नौकरी एवं आजीविका प्रदान करने में सहयोग किया जाएगा।