कोरोना संकट और आत्मनिर्भर भारत के लिए आज प्रधानमंत्री जी ने किया अपरोक्ष रूप से चीनी निवेश पर किया है प्रहार.

कोरोना संकट और आत्मनिर्भर भारत के लिए आज प्रधानमंत्री जी ने किया अपरोक्ष रूप से चीनी निवेश पर किया है प्रहार.

For the Corona crisis and a self-Dependent India, today the Prime Minister has attacked the Chinese investment indirectly.

#Self_Dependent_India #PMModi #Lockdown4

भारत के प्रधामंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी आज रात सम्बोधन कर रहे थे जिसमे उन्होंने कोरोना वायरस से मरने वालों के लिए संवेदना प्रकट की. उन्होंने बताया कि- “पूरी दुनिया में कोरोना से लड़ने के लिए जंग लड़ी जा रही है. ऐसा संकट भारत ने कभी नहीं देखा. आज जब दुनिया संकट में है तब हमें अपना संकल्प और मज़बूत करना है, हमारा संकल्प इस संकट से भी विराट होगा. हमें कोरोना से बचना भी है और आगे भी बढ़ना है. 21वीं सदी भारत का होना चाहिए, इसका मार्ग एक ही है – आत्मनिर्भर भारत.” आत्म निर्भर भारत के लिए ही प्रयाग टुडे एक उग्र लड़ाई लड़ता आया है, जिसे आज प्रधानमंत्री जी ने आपने भाषण में उल्लेख किया.

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कोरोना संकट भारत के लिए एक अवसर लेकर आया है, उदहारण के लिए भारत में पहले PPE किट नहीं बनती थी मगर आज हम 2 लाख PPE किट और N95 मास्क बनाने लगे. ये आत्मनिर्भर भारत बनने के ओर अग्रसर हैं. भारत में बनी दवाइयां पूरी दुनिया में मांग है, हमारे पास साधन है सामर्थ्य है. दुनिया को अब यकीन हो चला है कि भारत दुनिया के लिए बहुत कुछ कर सकता है. जो कि भारत के गौरवपूर्ण इतिहास का एक हिस्सा है. आत्मनिर्भर भारत की पांच पिलर पर खड़ा होगा – इकॉनमी, इंफ्रास्ट्रक्टर, टेक्नोलॉजी, सिस्टम, डेमोग्राफी, और डिमांड. जिसके लिए आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को आगे बढ़ने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये का विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की जा रही है. ये विशेष पैकेज विदेशी निवेशकों को भी आकर्षित करेगा. मोदी जी ने आग्रह किया कि अपने आस पास के उत्पादित वस्तुओं का प्रयोग भी करें और उसका खुलकर प्रचार भी करें. ये एक तरह से चीनी उत्पादों और निवेश को अपरोक्ष रूप से प्रहार किया गया है.

जैसे आज प्रधानमंत्रीजी ने बताया कि कोरोना संकट एक ऐसा संकट है जिससे बड़ी से बड़ी अर्थव्यवस्था भी हिल गयी. यही बात 12 फरवरी 2020 को अपने ट्वीट के जरिये भारत सरकार को आगाह कर दिया था कि – “कोरोना वायरस हमारे लोगों और हमारी अर्थव्यवस्था के लिए एक अत्यंत गंभीर खतरा है। मेरी समझ से सरकार इस खतरे को गंभीरता से नहीं ले रही है। समय पर कार्रवाई महत्वपूर्ण है।”

यदि भारत सरकार ने बहुत पहले इस विषय पर ध्यान दे दिया होता तो शायद आज हम पूरी दुनियां में सप्लाई चैन के सबसे बड़े निर्यातक होते.  इसी के साथ मोदी जी ने लॉकडाउन-4 को नयी शर्तों के साथ 18 मई 2020 से लागू करने की घोषणा कर दी है.

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