Spreading Corona on earth, under the sea, even more, Severe epidemic than corona.
#CoronaPandemic #SCTLD #SevereEpidemic
समंदर में भी एक महामारी ने तबाही मचा रखी है। वैज्ञानिकों की माने तो 50 वर्षों में पहली दफा समुद्र के अंदर इतनी बड़ी महामारी देखने को मिली है। समुद्री जीवों पर शोध करने वाले एक वैज्ञानिक ने तो इसकी तुलना इबोला वायरस से कर दी है। इस भयावह महामारी का नाम स्टोनी कोरल टिश्यू लॉस डिजीस (Stony Coral Tissue Loss Disease – SCTLD) है। ये बीमारी सबसे ज्यादा खतरा कोरल रीफ के लिए बनी हुई है। कोरल वे जीव है जो समुद्र के भीतर के जीवन चक्र का आधार माना जाता है। ये बीमारी में सबसे ज्यादा अमेरिका के वर्जिन आइलैंड्स के सेंट थॉमस तट के नीचे अपना प्रकोप दिखा रही है और ये तेजी से पूरे समुंदर में फैल रही है। इसके प्रसार की गति से दुनिया भर के वैज्ञानिक चिंतित हैं।
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बता दें इससे पहले साल 1970 में भी एक महामारी ने कोरल रीफ की दो प्रजातियां नष्ट कर दिया था। इस महामारी का नाम था व्हाइट बैंड। लेकिन स्टोनी कोरल टिश्यू लॉस डिजीस इससे भी ज्यादा भयावह है क्योंकि अब तक इशने कोरल रीफ की 22 प्रजातियों को अपनी गिरफ्त में ले रखा है और वैज्ञानिकों अब तक इस बीमारी को रोकने का कोई तरीका नहीं ढ़ूढ़ पाए हैं।

