Site icon Prayag Today

क्या है दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 161

What is Section 161 of Criminal Procedure Code (CrPC).

#KnowYourLaw #CrPc161

दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 161 के अंतर्गत पुलिस द्वारा साक्षियों का परीक्षण किया जाता है –
(1) कोई पुलिस अधिकारी, जो इस धारा के अधीन अन्वेषण कर रहा है या ऐसे अधिकारी की अपेक्षा पर कार्य करने वाला पुलिस अधिकारी, जो ऐसी रैंक से निम्नतर रैंक का नहीं है जिसे राज्य सरकार साधारण या विशेष आदेश द्वारा इस केस में शामिल हो, मामले के तथ्यों और परिस्थितियों से परिचित समझे जाने वाले किसी व्यक्ति का मौखिक परीक्षण कर सकता है।

(2) ऐसा व्यक्ति उन प्रश्नों के सिवाय, जिनके उत्तरों में उसके आपराधिक आरोप या जुर्माना या ज़मानत के लिए उन्हें उजागर करने की प्रवृत्ति होगी और सम्बंधित मामले से उन सभी प्रश्नों का सही-सही उत्तर देने के लिए आबद्ध होगा जो ऐसा अन्वेषण अधिकारी उससे पूछता है।

(3) पुलिस अधिकारी इस धारा के अधीन परीक्षण के दौरान उसके समक्ष किए गए किसी भी कथन को लेखबद्ध कर सकता है और यदि वह ऐसा करता है, तो वह प्रत्येक ऐसे व्यक्ति के कथन का पृथक् और सही अभिलेख बनाएगा, जिसका कथन वह अभिलिखित करता है। परंतु इस उपधारा के अधीन किया गया कथन श्रव्य-दृश्य इलैक्ट्रानिक साधनों द्वारा भी अभिलिखित किया जा सकेगा।

परंतु यह और कि किसी ऐसी स्त्री का कथन, जिसके विरुद्ध भारतीय दंड संहिता (1860 का 45) की धारा 354, धारा 354क, धारा 354ख, धारा 354ग, धारा 354च, धारा 376, धारा 376क, धारा 376, धारा 376ग धारा 376घ, धारा 376ङ या धारा 509, के अधीन किसी अपराध के किए जाने या किए जाने का प्रयास किया गया हो, उसे किसी महिला पुलिस अधिकारी या किसी महिला अधिकारी द्वारा अभिलिखित किया जाएगा।

Exit mobile version