Have diabetes?, Then include these things in the diet.
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डायबिटीज होता क्या है-
डायबिटीज मेलेटस (डीएम), जिसे सामान्यतः मधुमेह कहा जाता है, चयापचय संबंधी बीमारियों का एक समूह है जिसमें लंबे समय तक रक्त में शर्करा का स्तर उच्च होता है। उच्च रक्त शर्करा के लक्षणों में अक्सर पेशाब आना होता है, प्यास की बढ़ोतरी होती है, और भूख में वृद्धि होती है। यदि अनुपचारित छोड़ दिया जाता है, मधुमेह कई जटिलताओं का कारण बन सकता है। तीव्र जटिलताओं में मधुमेह केटोएसिडोसिस, नॉनकेटोटिक हाइपरोस्मोलर कोमा, या मौत शामिल हो सकती है। गंभीर दीर्घकालिक जटिलताओं में हृदय रोग, स्ट्रोक, क्रोनिक किडनी की विफलता, पैर अल्सर और आंखों को नुकसान शामिल है।
मधुमेह के कारण है या तो अग्न्याशय पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन नहीं करता या शरीर की कोशिकायें इंसुलिन को ठीक से जवाब नहीं करती। मधुमेह के 3 मुख्य प्रकार हैं:-
टाइप-1 मधुमेह-(Type-1 Diabetes) : यह मुख्य रूप से बचपन से युवावस्था (14 -25 उम्र) में होती है! यह मुख्य रूप से पैनक्रियास के बीटा में इन्फेक्शन के कारण होती है जिससे इन्सुलिन को उत्पन नहीं किया जा सकता! आम तौर पर इसके रोगी नियमित रूप से बाहर से इन्सुलिन शरीर में लेते हैं!
टाइप-2 मधुमेह-(Type-2 Diabetes) : डीएम इंसुलिन प्रतिरोध से शुरू होता है, एक हालत जिसमें कोशिका इंसुलिन को ठीक से जवाब देने में विफल होती है। जैसे-जैसे रोग की प्रगति होती है, इंसुलिन की कमी भी विकसित हो सकती है।
गर्भावधि मधुमेह-(Gestational diabetes) इस प्रकार की diabetes गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को प्रभावित करती है। कुछ महिलाओं में उनके रक्त में ग्लूकोज का उच्च स्तर होता है, और उनके शरीर में सभी ग्लूकोज को उनके कोशिकाओं में परिवहन के लिए पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन करने में असमर्थ होते हैं, जिसके परिणामस्वरूप बढ़ते स्तर में ग्लूकोज का स्तर होता है।
आयुर्वेदिक घरेलु उपाय-
अगर आपको या आपके किसी जानने वालों को डायबिटीज है, तो उन्हें कहें कि वे करेला, मेथी और जामुन का सेवन जरूर करें। ब्लड शुगर मैनेज करने के नुस्खों में ये सबसे प्रभावी है।
करेला-
डायबिटिज या मधुमेह के रोगियों को सुबह-सुबह खाली पेट करेला का जूस पीने की सलाह दी जाती है। करेला में चैरेंटिन (charantin) नाम का केमिकल होता है, जो हाई ब्लड ग्लूकोज के लेवल को कम करने के लिए जाना जाता है।
मेथी-
शुगर से मुकाबला करने में मेथी कारगर हो सकती है। मेथी पेट में शुगर के अवशोषण को धीमा करती है और इंसुलिन को संतुलित रखने में मददगार होती है। ये दोनों प्रभाव डायबिटिज से ग्रस्त लोगों में ब्लड शुगर को कम रखते हैं।
जामुन-
डायबिटिज के रोगियों के लिए जामुन एक चमत्कारिक फल है। जामुन के बीज में जैंबोलीन रसायन होता है। ये लंबे समय तक ब्लड शुगर के लेवल को कम रखने के लिए जाना जाता है।
आम-जामुन के पत्तों का रस-
ये भी एक कारगर उपाय है। यदि आम व् जामुन के नए पत्तों जो कोपलों से पुरानी हो और जिन पत्तों में कोई रोग या छेद न हो, उन्हें बराबर (60-60 की) मात्रा में ले लें। फिर उन्हें 2 लीटर पानी में उबालते रहे जब तक वो आधी मात्रा में न रह जाय। अब बर्तन को उअतरकर ठंडा होने दें और किसी कांच के बर्तन में रखकर एक दिन 3 बार बराबर मात्रा लेकर खाली पेट पीना प्रारम्भ करें। ये प्रक्रिया 1 माह तक अवश्य करें।
Note- ये उपाय अनुभवों के आधार पर है फिर भी उपयोग करने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श अवश्य ले लें।

