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सदियों से होता आया है ताम्बे के बर्तन का उपयोग, ताम्बे के बर्तन तोड़ सकता है कोरोना का चक्र।

Use of copper utensils has been done for centuries, copper utensils can break the corona cycle.

#Ayurveda #CoronaPandemic #Microbiologist #BillKeevil

हम लोग कई बीमारियों से परेशान रहते हैं। आज कोरोना संक्रमण पूरी दुनियाँ में यमराज बनकर घूम रहा है। ताम्बे के बर्तन का कोरोना संकट को लेकर एक चौंकाने वाला शोध सामने आया है। आयुर्वेद में ऋषि मुनियों के द्वारा बताया गया है कि तांबे के बर्तन में पानी पीने से शरीर को कई लाभ मिलते हैं। इस पानी के सेवन से शरीर के विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं। तांबे के बर्तन में रखे हुए पानी को पीने से शरीर में उपस्थित कई बीमारियां आसानी से खत्म हो जाती हैं।

पूरी दुनियाँ में कोरोना वायरस को लेकर तरह तरह के शोध चल रहे हैं जैसे ये वायरस किन किन सतहों पर कितने समय के लिए जिंदा रह सकता हैं। कुछ शोधकर्ताओं ने पिछले महीने दावा किया था कि न्‍यू नोवल कोरोना वायरस (Coronavirus) कांच, प्‍लास्टिक और स्‍टील पर कुछ दिन तक जिंदा रह सकते है जबकि तांबे (Copper) की सतह पर कुछ ही घंटों में खत्‍म हो जाता है। वहीँ ब्रिटेन में माइक्रोबायोलॉजी (Microbiology) के रिसर्चर बिल कीविल (Bill Keevil) जो दो दाश्कों से भी ज्‍यादा समय से तांबे के एंटी-माइक्रोबियल (Antimicrobial) प्रभावों का अध्‍ययन कर रहे हैं, ने अपनी प्रयोगशाला में मिडिल ईस्‍ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (MERS) और स्‍वाइन फ्लू (H1N1) के वायरस पर तांबे के असर का परीक्षण किया है। हर बार तांबे के संपर्क में आने के कुछ ही मिनटों में वायरस खत्‍म हो गया। वे बताते हैं कि तांबे के संपर्क में आने के कुछ ही मिनट में वायरस पूरी तरह से नष्ट हो गए।

इसके अलावा कीविल ने 2015 में COVID-19 वायरस के परिवार के ही कोरोना वायरस 229E पर ध्‍यान दिया। ये वायरस संक्रमित व्‍यक्ति में जुकाम और निमोनिया की शिकायत होती है। कीविल ने जब इस कोरोना वायरस का तांबे की सतह से संपर्क कराया तो यह भी मिनटों में खत्‍म हो गया, जबकि ये स्‍टेनलेस स्‍टील और कांच पर 5 दिन तक जिंदा रहा।

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