Create a videoconferencing solution for the Government of Indian, you will get 1 crore in the prize.
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भारत सहित तमाम देशों में लॉकडाउन की स्थिति चल रही है, साथ ही सबको निर्देश दिए गए हैं कि वे अपना काम घर से ही करें, जिससे वर्क फ्रॉम होम का कल्चर बना. अब सभी सरकारी और गैर-सरकारी कार्यालय, मंत्रालय, मुख्यालय और विभाग वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के जरिये अपना जरूरी काम निपटा रहे हैं, जिसके लिए एक American Communications Technology Company की Zoom Video Communications, Inc का इस्तेमाल काफी बढ़ गया था. मगर अभी हाल ही में पूरी दुनिया में इस ज़ूम को लेकर तब खलबली मच गयी जब इसके करोड़ों यूज़र्स की आयी डी और पासवर्ड हैक हो गए. इस बात की संजीदगी को समझते हुए और अपने कार्यों की गतिविधियों को सरकारी नियंत्रण में रखने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्र सरकार ने भारतीय स्टार्टअप्स के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप डेवलपमेंट चैलेंज की शुरुआत की है. इस चैलेंज का नाम “Innovation Challenge for Development of Video Conferencing Solution” है और इसके विजेता 1 करोड़ रुपये की राशि मिलेगी. इस बात की गंभीरता से प्रेरित होकर पिछले हफ्ते सरकार ने एडवायजरी जारी की कि जूम के इस्तेमाल को लेकर अब सचेत और सावधान रहना आवश्यक हो गया है. इसके साथ कहा गया है कि ऐप को सरकारी अधिकारी सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं की वजह से इस्तेमाल नहीं करेंगे.
इस चैलेंज के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुका है जो कि इस माह की 30 अप्रैल चलेगा. सरकार ने कहा है कि ऐप सभी वीडियो रेजोल्यूशन और ऑडियो क्वॉलिटी को सपोर्ट करना चाहिए. इसके साथ ही उसे कम और ज्यादा नेटवर्क में काम करना पावर का कम इस्तेमाल करना चाहिए. इसके अलावा इसे किसी भी डिवाइस और ब्राउजर के साथ काम करने में सक्षम होना चाहिए. सरकार ने यह भी कहा है कि ऐप्लीकेशन में इनक्रिप्टेड नेटवर्क, कॉन्फ्रेंस के दौरान चैट ऑप्शन, कॉन्फ्रेंस ज्वॉइन करने के लिए साइन इन और नॉन साइन इन के ऑप्शन, ऑडियो या वीडियो रिकॉर्डिंग फीचर और स्क्रीन या फाइल शेयरिंग भी होनी चाहिए.
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सॉल्यूशन डेवलमेंट चैलेंज 3 स्टेज में होगा. ये 3 स्टेज- आइडिएशन, प्रोटोटाइप और सॉल्यूशन बिल्डिंग है. स्टेज 1- में टीमों को इनोवेशन और आइडिया को प्रस्तावित करना है और उसमें से टॉप 10 को सिलेक्ट किया जाएगा और प्रोटोटाइप बनाने के लिए 5 लाख रुपये की फंडिंग मिलेगी. स्टेज 2- में शॉर्टलिस्ट के बाद प्रोटोटाइप को ज्यूरी को दिखाने का मौका मिलेगा. स्टेज 3- में 3 टीमों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा और प्रत्येक टीम को 20 लाख रुपये की फंडिंग अंतिम प्रोडक्ट बनाने के लिए मिलेगी. विजेता को 1 करोड़ रुपये की इनामी राशि के साथ इलेक्टॉनिक्स और आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद से सर्टिफिकेट मिलेगा. विजेता टीम को 10 लाख रुपये सालाना का सपोर्ट भी मिलेगा जिससे वे अपने द्वारा बनाए गए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सोल्यूशन के संचालन और रखरखाव पर काम कर सकें.